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“क्या आप अपने जीवन के मालिक हैं या किरायेदार? – गीता के दृष्टिकोण से चेतना, कर्म और माया का रहस्य”

एक व्यक्ति आत्मा का प्रतीक बनकर ध्यान मुद्रा में बैठा है और दूसरा माया के बोझ तले झुका हुआ है, ऊपर लिखा है "क्या आप अपने जीवन के मालिक हैं या किरायेदार?" - भगवद गीता के दृष्टिकोण से चेतना, कर्म और माया का रहस्य